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सर्वतोभद्र वटी स्वर्ण युक्त


सर्वतोभद्र वटी – स्वर्ण युक्त आयुर्वेदिक औषधि : लाभ, घटक, संकेत, मात्रा और निर्माता संपर्क

सर्वतोभद्र वटी – स्वर्ण युक्त आयुर्वेदिक औषधि

लाभ, घटक, संकेत, मात्रा एवं निर्माता जानकारी

सन्दर्भित ग्रन्थ : ए. एफ. आई., भाग-2, पृष्ठ क्रं. 182

सर्वतोभद्र वटी

संस्कृत श्लोक

हेमरौप्याभलोहानि जतु गन्धंच माक्षिकम् । वटी रक्तमितां कुर्याद्वमर्श वरुणऽम्मसा ।। वटीयं सर्वतोभद्रा निखिलान् वृक्कजान् गदान् । हरेद्वस्ति भवांश्चपि बले वीर्यञ्चा वर्द्धयेत् ।।]

प्रत्येक टेबलेट में घटक द्रव्य एवं उनका प्रभाव

घटक मात्रा प्रभाव
स्वर्ण भस्म 17.857 मिग्रा त्रिदोषघ्न, रसायन
रजत भस्म 17.857 मिग्रा रसायन
अभ्रक भस्म 17.857 मिग्रा मूत्रकृच्छ में प्रभावी
लौह भस्म 17.857 मिग्रा अश्मरीहर (पथरीहर), शोथहर
स्वर्णमाक्षिक भस्म 17.857 मिग्रा कफपित्तजन्य रोगों में प्रभावी
शुद्ध गंधक 17.857 मिग्रा प्रमेह तथा मूत्रकृच्छ में प्रभावी
शुद्ध शिलाजीत 17.857 मिग्रा वृक्क में रक्तसंचार सुचारू करने हेतु
भावना द्रव्य: वरुण क्वाथ

लाभ (Benefits)

  • वृक्क (किडनी) रोगों में अत्यंत प्रभावी
  • वस्ति रोगों एवं गाउट में विशेष लाभकारी
  • त्रिदोष संतुलन करता है (वात, पित्त, कफ)
  • मूत्रकृच्छ, प्रमेह, शोथ एवं पथरीहर में कार्यकारी
  • रक्तसंचार को सुचारू करता है

संकेत (Indications)

  • वृक्कजन्य विकार
  • वस्ति रोग (गाउट, प्रमेह आदि)
  • त्रिदोष विकार (Vata, Pitta, Kapha)

मात्रा (Dosage & Directions)

  • 1-1 टेबलेट सुबह-शाम कुनकुने जल के साथ लें
  • या चिकित्सक के परामर्शानुसार सेवन करें
  • उपलब्धता: 10, 30, 60, 100 टेबलेट्स

Disclaimer

यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। कृपया किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

निर्माता एवं क्रय जानकारी

सर्वतोभद्र वटी, आयुर्वेदिक औषधि, किडनी, वृक्क विकार, वस्ति रोग, Jamna Herbal, भूपाल, Natural Medicine, स्वर्ण भस्म
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