Home जब ज्ञान की अग्नि में हम क्रोध और प्रतिशोद का त्याग करते हैं, तो हमारी निष्कलंक आत्मा का सौहार्द प्रकट होता है। यही सच्चा यज्ञ है। जब ज्ञान की अग्नि में हम क्रोध और प्रतिशोद का त्याग करते हैं, तो हमारी निष्कलंक आत्मा का सौहार्द प्रकट होता है। यही सच्चा यज्ञ है। • 💬 Discuss This on WhatsApp