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जमना केसरी गोल्ड च्यवनप्राश — बस रोज़ एक चम्मच, स्ट्रॉन्ग इम्युनिटी.

जमना केसरी गोल्ड च्यवनप्राश — बस रोज़ एक चम्मच, स्ट्रॉन्ग इम्युनिटी | Ayurveda Initiative

जमना केसरी गोल्ड च्यवनप्राश — बस, रोज़ एक चम्मच: स्ट्रॉन्ग इम्युनिटी

जमना केसरी गोल्ड च्यवनप्राश।
बस एक चम्मच — इम्युनिटी का प्राकृतिक साथी।
जमना हर्बल रीसर्च लिमिटेड का विश्वसनीय उत्पाद।

परिचय

च्यवनप्राश आयुर्वेद की ऐतिहासिक और लोकप्रिय तैयारी है, जिसे प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने, ऊर्जा देने और समग्र स्वास्थ्य को सपोर्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है। जमना केसरी गोल्ड च्यवनप्राश पारंपरिक जड़ी-बूटियों और आधुनिक गुणवत्ता मानकों का संतुलित मिश्रण है।

उपलब्ध आधिकारिक वीडियो

उत्पाद से जुड़ा आधिकारिक वीडियो नीचे देखें:

मुख्य लाभ

  • प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करता है।
  • ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाता है।
  • एंटीऑक्सिडेंट गुण से शरीर की रक्षा करता है।
  • पाचन और संतुलित स्वास्थ्य के लिए लाभकारी।

प्रस्तावित खुराक

वयस्क: रोज़ 1 चम्मच (8–12 ग्राम), सुबह या रात। बच्चों के लिए मात्रा कम करें और बालरोग विशेषज्ञ की सलाह लें।

संभावित सामग्री

आंवला, अश्वगंधा, तुलसी, हल्दी, शहद, मिश्री और अन्य जड़ी-बूटियाँ। सटीक विवरण के लिए पैकिंग देखें।

सावधानियाँ

  • गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएँ चिकित्सक से सलाह लें।
  • डायबिटीज़ या BP पेशेंट पहले डॉक्टर की राय लें।
  • एलर्जी होने पर सेवन रोकें और चिकित्सक से संपर्क करें।

उपयोग सुझाव

  • गुनगुने दूध या पानी के साथ ले सकते हैं।
  • 30–45 दिन नियमित सेवन करने पर बेहतर लाभ।
  • संतुलित आहार और दिनचर्या के साथ प्रभाव बेहतर।

Source: www.jamnaherbal.com

और पढ़ें — Ayurveda Initiative

© Ayurveda Initiative for Global Health —

यह लेख सामान्य जानकारी हेतु है। चिकित्सा निर्णय हेतु विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।

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Eternal Infinite Bliss

सर्वे भवन्तु सुखिनः

सर्वे सन्तु निरामयाः।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु

मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

May all sentient beings be at peace,

may no one suffer from illness,

May all see what is auspicious, may no one suffer.

Om peace, peace, peace.

सभी सुखी होवें,

सभी रोगमुक्त रहें,

सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें

और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।

ॐ शांति शांति शांति॥